Saturday, May 9, 2020

इरादा शायरी

उस दिन से पानियों की तरह बह रहे हैं हम
जिस दिन से पत्थरों का इरादा समझ लिया
- सईद अहमद

ज़िंदगी इक नई राह पर
बे-इरादा ही चलने लगी
- असर अकबराबादी

जिन के मज़बूत इरादे बने पहचान उन की
मंज़िलें आप ही हो जाती हैं आसान उन की
- अलीना इतरत


था इरादा तिरी फ़रियाद करें हाकिम से
वो भी एे शोख़ तिरा चाहने वाला निकला
- नज़ीर अकबराबादी

आज फिर मुझ से कहा दरिया ने
क्या इरादा है बहा ले जाऊँ
- मोहम्मद अल्वी

आसमाँ अपने इरादों में मगन है लेकिन
आदमी अपने ख़यालात लिए फिरता है
- अनवर मसूद


सुना है सच्ची हो नीयत तो राह खुलती है
चलो सफ़र न करें कम से कम इरादा करें
- मंज़ूर हाशमी

जो साथ लाए थे घर से वो खो गया है कहीं
इरादा वर्ना हमारा भी वापसी का था
- आफ़ताब शम्सी
इज़हार-ए-मुद्दआ का इरादा था आज कुछ
तेवर तुम्हारे देख के ख़ामोश हो गया
- शाद अज़ीमाबादी

मंज़िल तो मेरे अपने इरादों के साथ है
रहबर मिले न अब कोई नक़्श-ए-क़दम मिले
- अज्ञात

उसे अब भूल जाने का इरादा कर लिया है
भरोसा ग़ालिबन ख़ुद पर ज़ियादा कर लिया है
- अताउल हक़ क़ासमी
बहुत नज़दीक आती जा रही हो
बिछड़ने का इरादा कर लिया क्या
- जौन एलिया

काट कर पर मुतमइन सय्याद बे-परवा न हो
रूह बुलबुल की इरादा रखती है परवाज़ का
- हैदर अली आतिश
कभी उन को मिलती नहीं कोई मंज़िल
बदलते हैं जो हर क़दम पर इरादे
- राक़ीम लखनवी

इरादा था कि अब के रंग-ए-दुनिया देखना है
ख़बर क्या थी कि अपना ही तमाशा देखना है
- हसन अब्बास रज़ा

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