Thursday, May 14, 2026

सीधा साधा लड़का एक शायर बदनाम हो गया

तो ऐसा है कि किस्सा ये भी सरेआम हो गया,

सीधा साधा लड़का एक शायर बदनाम हो गया,

मैंने अपने सपने लिखे थे कागज़ के पन्नो पर
इस से पहले की पढ़ पाता सब नीलाम हो गया

बहोत कोशिश की हमने दिल न लगाने की
दिल से न कि होगी सो नाकाम हो गया ।

एक शख्स है जिसे अमीरी पच नही रही पेट मे
एक है जो गरीबी की भूख में गुमनाम हो गया

मैंने अपने लहू से ग़ज़ल गढ़ दिए कुछ न हुआ
वो आये कलम घसे और उनका कलाम हो गया

Saturday, May 2, 2026

आदमी को चाहिए वक्त से डर कर रहे

 

का शेर है-वक्त से दिन और रात, 

वक्त से कल और आज. 

वक्त की हर शय गुलाम, 

वक्त का हर शय पे राज. 

वक्त की पाबंद हैं आती-जाती रौनकें. 

वक्त है कांटों का ताज. 

आदमी को चाहिए वक्त से डर कर रहे, 

कौन जाने किस घड़ी वक्त का बदले मिजाज. 


-साहिर लुधियानवी