Thursday, May 7, 2020

मीना कुमारी की चुनिंदा शायरी

मशहूर अदाकारा मीना कुमारी की चुनिंदा शायरी
आग़ाज़ तो होता है अंजाम नहीं होता
जब मेरी कहानी में वो नाम नहीं होता
जब ज़ुल्फ़ की कालक में घुल जाए कोई राही
बदनाम सही लेकिन गुमनाम नहीं होता


 
चाँद तन्हा है आसमाँ तन्हा
दिल मिला है कहाँ कहाँ तन्हा
बुझ गई आस छुप गया तारा
थरथराता रहा धुआँ तन्हा

यूँ तेरी रहगुज़र से दीवाना-वार गुज़रे
काँधे पे अपने रख के अपना मज़ार गुज़रे
बैठे हैं रास्ते में दिल का खंडर सजा कर
शायद इसी तरफ़ से इक दिन बहार गुज़रे

बरसात मुबारक हो, ये साथ मुबारक हो
हर दिन रहे सलोना, हर रात मुबारक हो
सँवलाई हुई शामों को, हर सुब्ह मुबारक हो
हिचकी हो या सिसकी हो, हर नग़्मा मुबारक हो

रूह का चेहरा किताबी होगा
जिस्म का रंग उन्नाबी होगा
शरबती रंग से लिक्खो आँखें
और एहसास शराबी होगा

तेरे क़दमों की आहट को ये दिल है ढूँडता हर दम
हर इक आवाज़ पर इक थरथराहट होती जाती

हँसी थमी है इन आँखों में यूँ नमी की तरह
चमक उठे हैं अंधेरे भी रौशनी की तरह

कहीं कहीं कोई तारा कहीं कहीं जुगनू
जो मेरी रात थी वो आप का सवेरा है

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