Wednesday, May 6, 2020

उदास लम्हा शायरी

न जाने किस लिए उम्मीद-वार बैठा हूँ 
इक ऐसी राह पे जो तेरी रहगुज़र भी नहीं 
- फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

दुनिया की महफ़िलों से उकता गया हूँ या रब 
क्या लुत्फ़ अंजुमन का जब दिल ही बुझ गया हो 
- अल्लामा इक़बाल

हमारे घर का पता पूछने से क्या हासिल 
उदासियों की कोई शहरियत नहीं होती 
- वसीम बरे

अभी न छेड़ मोहब्बत के गीत ऐ मुतरिब 
अभी हयात का माहौल ख़ुश-गवार नहीं 
- साहिर लुधियानवी

मैं हूँ दिल है तन्हाई है 
तुम भी होते अच्छा होता 
- फ़िराक़ गोरखपुरी

शाम भी थी धुआँ धुआँ हुस्न भी था उदास उदास 
दिल को कई कहानियाँ याद सी आ के रह गईं 
- फ़िराक़ गोरखपुरी
हम ग़म-ज़दा हैं लाएँ कहाँ से ख़ुशी के गीत 
देंगे वही जो पाएँगे इस ज़िंदगी से हम 
- साहिर लुधियानवी

उन का ग़म उन का तसव्वुर उन के शिकवे अब कहाँ 
अब तो ये बातें भी ऐ दिल हो गईं आई गई 
- साहिर लुधियानवी

मैं रोना चाहता हूँ ख़ूब रोना चाहता हूँ मैं 
फिर उस के बाद गहरी नींद सोना चाहता हूँ मैं 
- फ़रहत एहसास
सुपुर्द कर के उसे चाँदनी के हाथों में 
मैं अपने घर के अँधेरों को लौट आऊँगी 
- परवीन शाकिर

ये और बात कि चाहत के ज़ख़्म गहरे हैं 
तुझे भुलाने की कोशिश तो वर्ना की है बहुत 
- महमूद शाम

इस डूबते सूरज से तो उम्मीद ही क्या थी 
हँस हँस के सितारों ने भी दिल तोड़ दिया है 
- महेश चंद्र नक़्श
 
किसी के पाँव की आहट का इंतिज़ार किया
इसी उदास खंडर के उदास टीले पर
- शमीम करहानी

चेहरा उदास उदास था मैला लिबास था
क्या दिन थे जब ख़याल-ए-तमन्ना लिबास था
- मजीद अमजद

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