सुख का सँवेरा आयेगा।
बदलेंगे हालात भी,
इंसान भी बदलेगा।
सूरज की उज्जवल किरणों से
धरा का यौवन फिर मचलेगा।
फिर हर घर में दीवाली होगी
हर माह रमज़ान होगा।
महक उठेगा उपवन फिर
आँगन फिर आबाद होगा ।
हर चेहरे पर खुशियाँ होगी
बाजारों में फिर रौनक होगी।
काली घटाएँ छट जायेगी
दुख की रजनी ढल जायेगी,
सुख का सँवेरा आयेगा।
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