मैं ने उस हाल में जीने की क़सम खाई है
- अमीर क़ज़लबाश
भाँप ही लेंगे इशारा सर-ए-महफ़िल जो किया
ताड़ने वाले क़यामत की नज़र रखते हैं
- लाला माधव राम जौहर
सदा ऐश दौराँ दिखाता नहीं
गया वक़्त फिर हाथ आता नहीं
- मीर
हम परवरिश-ए-लौह-ओ-क़लम करते रहेंगे
जो दिल पे गुज़रती है रक़म करते रहेंगे
- फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
जो दिल पे गुज़रती है रक़म करते रहेंगे
- फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
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