Thursday, April 9, 2020

तन्हाई शायरी

आरज़ू टीस कर्ब तन्हाई
ख़ुद में कितना सिमट गया हूँ मैं
- अकमल इमाम


इक सफ़ीना है तिरी याद अगर
इक समुंदर है मिरी तन्हाई
- अहमद नदीम क़ासमी

जब भी फ़ुर्सत मिली हंगामा-ए-दुनिया से मुझे
मेरी तन्हाई को बस तेरा पता याद आया
- अलीना इतरत


कौन तन्हाई का एहसास दिलाता है मुझे
ये भरा शहर भी तन्हा नज़र आता है मुझे
- नूर जहाँ सरवत

पुकारा जब मुझे तन्हाई ने तो याद आया
कि अपने साथ बहुत मुख़्तसर रहा हूँ मैं
- फ़ारिग़ बुख़ारी


किसी हालत में भी तन्हा नहीं होने देती
है यही एक ख़राबी मिरी तन्हाई की
- फ़रहत एहसास

लज़्ज़त-ए-वस्ल से भी बढ़ के मज़ा आएगा
अपनी तन्हाई से दिल अपना लगा कर देखो
- शाद अमृतसरी


तन्हाई के लम्हात का एहसास हुआ है
जब तारों भरी रात का एहसास हुआ है
- नसीम शाहजहाँपुरी

बुझने दे सब दिए मुझे तन्हाई चाहिए
कुछ देर के लिए मुझे तन्हाई चाहिए
- अंजुम सलीमी


दरवाज़े पर पहरा देने
तन्हाई का भूत खड़ा है
- मोहम्मद अल्वी

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