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Friday, July 31, 2020

अशआर मेरे यूँ तो ज़माने के लिए हैं

अशआ'र मिरे यूँ तो ज़माने के लिए हैं 
कुछ शेर फ़क़त उन को सुनाने के लिए हैं 

अब ये भी नहीं ठीक कि हर दर्द मिटा दें 
कुछ दर्द कलेजे से लगाने के लिए हैं 

सोचो तो बड़ी चीज़ है तहज़ीब बदन की 
वर्ना ये फ़क़त आग बुझाने के लिए हैं 


आँखों में जो भर लोगे तो काँटों से चुभेंगे 
ये ख़्वाब तो पलकों पे सजाने के लिए हैं 

देखूँ तिरे हाथों को तो लगता है तिरे हाथ 
मंदिर में फ़क़त दीप जलाने के लिए हैं 

ये इल्म का सौदा ये रिसाले ये किताबें 
इक शख़्स की यादों को भुलाने के लिए हैं! 

Wednesday, November 13, 2019

खुदाया, बस प्यार की एक कली चाहिए..

खुदाया मुझे जिन्दगी चाहिए,

अंधेरों में हूँ रोशनी चाहिए.

तमन्ना नहीं मिले सारा गुलशन,

बस प्यार की एक कली चाहिए..

Monday, August 16, 2010

सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है

सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है

देखना है ज़ोर कितना बाज़ुए कातिल में है


वक्त आने दे बता देंगे तुझे ए आसमान,
हम अभी से क्या बतायें क्या हमारे दिल में है


करता नहीं क्यूँ दूसरा कुछ बातचीत,
देखता हूँ मैं जिसे वो चुप तेरी महफ़िल में है


रहबरे राहे मुहब्बत, रह न जाना राह में
लज्जते-सेहरा न वर्दी दूरिए-मंजिल में है


अब न अगले वलवले हैं और न अरमानों की भीड़
एक मिट जाने की हसरत अब दिले-बिस्मिल में है ।


ए शहीद-ए-मुल्क-ओ-मिल्लत मैं तेरे ऊपर निसार,
अब तेरी हिम्मत का चरचा गैर की महफ़िल में है
सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है


खैंच कर लायी है सब को कत्ल होने की उम्मीद,
आशिकों का आज जमघट कूचा-ए-कातिल में है
सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है


है लिये हथियार दुशमन ताक में बैठा उधर,
और हम तैय्यार हैं सीना लिये अपना इधर,
खून से खेलेंगे होली गर वतन मुश्किल में है,
सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है


हाथ जिन में हो जुनून कटते नही तलवार से,
सर जो उठ जाते हैं वो झुकते नहीं ललकार से,
और भड़केगा जो शोला-सा हमारे दिल में है,
सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है


हम तो घर से निकले ही थे बाँधकर सर पे कफ़न,
जान हथेली पर लिये लो बढ चले हैं ये कदम.
जिन्दगी तो अपनी मेहमान मौत की महफ़िल में है,
सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है


यूँ खड़ा मकतल में कातिल कह रहा है बार-बार,
क्या तमन्ना-ए-शहादत भी किसी के दिल में है
सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है


दिल में तूफ़ानों की टोली और नसों में इन्कलाब,
होश दुश्मन के उड़ा देंगे हमें कोई रोको ना आज
दूर रह पाये जो हमसे दम कहाँ मंज़िल में है
सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है


वो जिस्म भी क्या जिस्म है जिसमें ना हो खून-ए-जुनून
तूफ़ानों से क्या लड़े जो कश्ती-ए-साहिल में है,
सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है
देखना है ज़ोर कितना बाज़ुए कातिल में है |

- राम प्रसाद बिस्मिल


Wednesday, July 8, 2009

Saajish

बादलों के दरमियान कुछ ऐसी साजिश हूई,
मेरा घर मिट्टी का था मेरे ही घर बारिश हुई|
आसमां को जहाँ जिद है बिजलियाँ गिराने की,
हमें भी वहीँ आदत है आशियाँ बनाने की||

Sunday, June 14, 2009

हम दीवानों की क्या हस्ती

हम दीवानों की क्या हस्ती, आज यहाँ कल वहाँ चले
मस्ती का आलम साथ चला, हम धूल उड़ाते जहाँ चले

आए बनकर उल्लास कभी, आँसू बनकर बह चले अभी
सब कहते ही रह गए, अरे तुम कैसे आए, कहाँ चले

किस ओर चले? मत ये पूछो, बस चलना है इसलिए चले
जग से उसका कुछ लिए चले, जग को अपना कुछ दिए चले

दो बात कहीं, दो बात सुनी, कुछ हँसे और फिर कुछ रोए
छक कर सुख दुःख के घूँटों को, हम एक भाव से पिए चले

हम भिखमंगों की दुनिया में, स्वछन्द लुटाकर प्यार चले
हम एक निशानी उर पर, ले असफलता का भार चले

हम मान रहित, अपमान रहित, जी भर कर खुलकर खेल चुके
हम हँसते हँसते आज यहाँ, प्राणों की बाजी हार चले

अब अपना और पराया क्या, आबाद रहें रुकने वाले
हम स्वयं बंधे थे, और स्वयं, हम अपने बन्धन तोड़ चले

-भगवती चरण वर्मा

Monday, March 16, 2009

एहसास

तेरे होने के अहसास से ज़िन्दगी मुस्कुराती है,
तेरी पनाहों के साये में चाँदनी भी गुनगुनाती है.
ओढ़के सितारों का आँचल अंधेरे सँवरने लगे दोस्त,
तेरी मासूम यादें मेरे हर लम्हे को महकाती हैं!!

Sunday, February 8, 2009

झूठे वादे

अब तू ही नहीं सनम तो तेरी यादें ही सही,

इन यादों में छुपी हुई ये अँधेरी रातें ही सही,

था जिंदगी में ए दोस्त एक तेरे साथ का सहारा,

जो अब वो नहीं तो तेरे झूठे वादे ही सही…

Wednesday, January 7, 2009

Salaam

एक रंगीन झिझक एक सादा पयाम !
कैसे भूलूं किसी का वो पहला सलाम !!
[;)]

Thursday, September 18, 2008

सलूक

कभी भूल कर किसी से न करो सलूक ऐसा,
अगर कोई तुमसे करता, तुम्हें नागवार होता..

Monday, September 15, 2008

मैं bhee

थोड़ा सा handsome होता,
थोड़ी सी body होती,
थोड़े बाल लंबे होते,
मैं भी राधे बनता,
अगर मेरी कोई निर्जला होती…
(सन्दर्भ - तेरे नाम)

वो

हमने माँगा था साथ उनका
वो जुदाई का गम दे गए..
हम यादों के सहारे जी लेते
वो भुलने की कसम दे गए..

Saturday, September 13, 2008

इ लव You

You are the reason that I am Smart,
you are the person who stole my Heart,
My life is short and you are the part,
I love you, Ilove you with true Heart!!!

आईना

आईना अपने सामने से हटा
यह न हो ख़ुद से प्यार हो जाये

और क्या चाहिए

जिन्दगी की बेपनाह पेचीदगियों में,
बच्चों की-सी मस्ती न छूटे.
और जिन्दगी की तमाम मस्तियों ,
सच्चाई और ईमान न छूटे.
जिन्दगी से और क्या चाहिये!

कभी कभी

कुछ अपना होश न तुम्हारा ख्याल कभी,

यूँही गुजर गयी जिन्दगी कभी - कभी।

ऐ दोस्त हमने दर्द- ऐ -मोहब्बत के बावजूद,

महसूस की है तेरी जरुरत कभी - कभी। ।

Wednesday, September 10, 2008

Teri Yaad..

raat yoon dil mein teri khoi hui yaad aai,
jaise veeraane mein chupke se bahaar aa jaaye.
jaise sahraaon mein haule se chale baade-naseem,
jaise beemaar ko bevajah karaar aa jaaye..

रात यूं दिल में तेरी खोई हुई याद आई,
जैसे वीराने में चुपके से बहार आ जाए।
जैसे सहराओं में हौले से चले बाद-ए-नसीम,
जैसे बीमार को बेवज़ह करार आ जाए..

Haseen Gunah..

गुनाह 'गर है यह इश्क यारों,
तो फिर यह इतना हसीन गुनाह है..
कि एक काफिर सनम की खातिर,
मैं यह गुनाह बार-बार कर लूँ..

मेरे ये आंसू समंदर हो गए होते

nahi hoti baarish to patthar ho gaye hote,
yeh lehrate khet banjar ho gaye hote,
tere daaman ne saare shaher ko sailaab se roka,
warna mere yeh ansoo samandar ho gaye hote !

बारिश नहीं होती तो पत्थर हो गए होते, 
ये लहराते खेत बंजार हो गए होते। 
तेरे दामन ने सारे शहर को सैलाब से रोका,
वरना मेरे ये आंसू समंदर हो गए होते। 

Sunday, September 7, 2008

Do these..

Mithi mithi yaadon ko palakon pe saja lena,

Sath gujare hue lamhon ko dil mein basa lena.

Najar na aaye hum hakikat me agar,

To muskurake humein sapanon me bula lena..

मुस्कुराके हमें सपनों में बुला लेना..

Mithi mithi yaadon ko palakon pe saja lena,
Sath gujare hue lamhon ko dil mein basa lena.
Najar na aaye hum hakikat me agar,
To muskurake humein sapanon me bula lena..

मीठी मीठी यादों को पलकों पे सजा लेना,
साथ गुजरे लम्हों को दिल में बसा लेना।
नज़र ना आये हम हकीकत में अगर,
तो मुस्कुराके हमें सपनों में बुला लेना..