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Sunday, June 14, 2009

हम दीवानों की क्या हस्ती

हम दीवानों की क्या हस्ती, आज यहाँ कल वहाँ चले
मस्ती का आलम साथ चला, हम धूल उड़ाते जहाँ चले

आए बनकर उल्लास कभी, आँसू बनकर बह चले अभी
सब कहते ही रह गए, अरे तुम कैसे आए, कहाँ चले

किस ओर चले? मत ये पूछो, बस चलना है इसलिए चले
जग से उसका कुछ लिए चले, जग को अपना कुछ दिए चले

दो बात कहीं, दो बात सुनी, कुछ हँसे और फिर कुछ रोए
छक कर सुख दुःख के घूँटों को, हम एक भाव से पिए चले

हम भिखमंगों की दुनिया में, स्वछन्द लुटाकर प्यार चले
हम एक निशानी उर पर, ले असफलता का भार चले

हम मान रहित, अपमान रहित, जी भर कर खुलकर खेल चुके
हम हँसते हँसते आज यहाँ, प्राणों की बाजी हार चले

अब अपना और पराया क्या, आबाद रहें रुकने वाले
हम स्वयं बंधे थे, और स्वयं, हम अपने बन्धन तोड़ चले

-भगवती चरण वर्मा

Thursday, June 4, 2009

ज़िन्दगी,

अगर साँस लेने का नाम है ज़िन्दगी,
साँस लेने के अंदाज बदलते रहिये |

Wednesday, May 27, 2009

पुष्प की अभिलाषा

पुष्प की अभिलाषा

चाह नहीं मैं सुरबाला के
गहनों में गूथा जाऊँ
चाह नहीं प्रेमी माला में
बिंध प्यारी को ललचाऊँ

चाह नहीं सम्राटों के
शव पर हे हरि डाला जाऊँ
चाह नहीं देवों के सिर पर
चढूँ भाग्य पर इतराऊँ

मुझे तोड़ लेना बनमाली
उस पथ पर तुम देना फेंक
मातृभूमि पर शीश चढ़ाने
जिस पथ जाएँ वीर अनेक

- माखनलाल चतुर्वेदी

Wednesday, January 7, 2009

Salaam

एक रंगीन झिझक एक सादा पयाम !
कैसे भूलूं किसी का वो पहला सलाम !!
[;)]

Wednesday, September 10, 2008

Teri Yaad..

raat yoon dil mein teri khoi hui yaad aai,
jaise veeraane mein chupke se bahaar aa jaaye.
jaise sahraaon mein haule se chale baade-naseem,
jaise beemaar ko bevajah karaar aa jaaye..

रात यूं दिल में तेरी खोई हुई याद आई,
जैसे वीराने में चुपके से बहार आ जाए।
जैसे सहराओं में हौले से चले बाद-ए-नसीम,
जैसे बीमार को बेवज़ह करार आ जाए..

Haseen Gunah..

गुनाह 'गर है यह इश्क यारों,
तो फिर यह इतना हसीन गुनाह है..
कि एक काफिर सनम की खातिर,
मैं यह गुनाह बार-बार कर लूँ..

Sunday, July 20, 2008

Neend

हम तो खोये खोये रहते हैं ख्वाबों ख्यालों में,
सुना है आजकल आपको नींद बहुत आती है..