गुनगुनाती हुई आती है फ़लक से बूँदें |
शायद कोई बदली तेरे पाजेब से टकराई है ||
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Sunday, August 9, 2009
Thursday, July 9, 2009
Daali Daali
डाली डाली पे नजर डाली,
किसी ने अच्छी तो किसी ने बुरी डाली.
मगर जिस डाली पे मैंने नज़र डाली,
कमबख्त माली ने काट डाली !!
किसी ने अच्छी तो किसी ने बुरी डाली.
मगर जिस डाली पे मैंने नज़र डाली,
कमबख्त माली ने काट डाली !!
Wednesday, July 8, 2009
zindadi jabse..
ज़िन्दगी जबसे सजल हो गयी,
अश्क तबसे ग़ज़ल हो गयी |
जबसे छोड़ी है मैंने साड़ी ख्वाहिशें,
मेरी छोटी सी कुटिया महल हो गयी ||
अश्क तबसे ग़ज़ल हो गयी |
जबसे छोड़ी है मैंने साड़ी ख्वाहिशें,
मेरी छोटी सी कुटिया महल हो गयी ||
Tuesday, July 7, 2009
कोई दीवाना कहता है कोई पागल समझता है..
कोई दीवाना कहता है कोई पागल समझता है,
मगर धरती की बेचैनी को बस बादल समझता है |
मैं तुझसे दूर कैसा हुँ तू मुझसे दूर कैसी है,
ये मेरा दिल समझता है या तेरा दिल समझता है ||
समुन्दर पीर का अंदर है लेकिन रो नहीं सकता,
ये आसूँ प्यार का मोती है इसको खो नहीं सकता |
मेरी चाहत को दुल्हन तू बना लेना मगर सुन ले,
जो मेरा हो नहीं पाया वो तेरा हो नहीं सकता ||
मुहब्बत एक एह्सासों की पावन सी कहानी है,
कभी कबीरा दीवाना था कभी मीरा दीवानी है |
यहाँ सब लोग कहते है मेरी आँखों में आसूँ हैं,
जो तू समझे तो मोती है जो न समझे तो पानी है ||
भ्रमर कोई कुमुदनी पर मचल बैठा तो हँगामा,
हमारे दिल में कोई ख्वाब पला बैठा तो हँगामा |
अभी तक डूब कर सुनते थे हम किस्सा मुहब्बत का,
मैं किस्से को हक़ीक़त में बदल बैठा तो हँगामा ||
- डॉ कुमार विश्वास
मगर धरती की बेचैनी को बस बादल समझता है |
मैं तुझसे दूर कैसा हुँ तू मुझसे दूर कैसी है,
ये मेरा दिल समझता है या तेरा दिल समझता है ||
समुन्दर पीर का अंदर है लेकिन रो नहीं सकता,
ये आसूँ प्यार का मोती है इसको खो नहीं सकता |
मेरी चाहत को दुल्हन तू बना लेना मगर सुन ले,
जो मेरा हो नहीं पाया वो तेरा हो नहीं सकता ||
मुहब्बत एक एह्सासों की पावन सी कहानी है,
कभी कबीरा दीवाना था कभी मीरा दीवानी है |
यहाँ सब लोग कहते है मेरी आँखों में आसूँ हैं,
जो तू समझे तो मोती है जो न समझे तो पानी है ||
भ्रमर कोई कुमुदनी पर मचल बैठा तो हँगामा,
हमारे दिल में कोई ख्वाब पला बैठा तो हँगामा |
अभी तक डूब कर सुनते थे हम किस्सा मुहब्बत का,
मैं किस्से को हक़ीक़त में बदल बैठा तो हँगामा ||
- डॉ कुमार विश्वास
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Monday, March 23, 2009
Sunday, February 8, 2009
Wednesday, January 7, 2009
Sochta हूँ..
सोचता हूँ क्या उसे नींद आती होगी,
या मेरी तरह सिर्फ़ अश्क बहाती होगी।
वो मेरी शक्ल, मेरा नाम भुलाने वाली,
अपनी तस्वीर से क्या आँख मिलाती होगी..
या मेरी तरह सिर्फ़ अश्क बहाती होगी।
वो मेरी शक्ल, मेरा नाम भुलाने वाली,
अपनी तस्वीर से क्या आँख मिलाती होगी..
Wednesday, September 10, 2008
Haseen Gunah..
गुनाह 'गर है यह इश्क यारों,
तो फिर यह इतना हसीन गुनाह है..
कि एक काफिर सनम की खातिर,
मैं यह गुनाह बार-बार कर लूँ..
तो फिर यह इतना हसीन गुनाह है..
कि एक काफिर सनम की खातिर,
मैं यह गुनाह बार-बार कर लूँ..
मेरे ये आंसू समंदर हो गए होते
nahi hoti baarish to patthar ho gaye hote,
yeh lehrate khet banjar ho gaye hote,
tere daaman ne saare shaher ko sailaab se roka,
warna mere yeh ansoo samandar ho gaye hote !
yeh lehrate khet banjar ho gaye hote,
tere daaman ne saare shaher ko sailaab se roka,
warna mere yeh ansoo samandar ho gaye hote !
बारिश नहीं होती तो पत्थर हो गए होते,
ये लहराते खेत बंजार हो गए होते।
तेरे दामन ने सारे शहर को सैलाब से रोका,
वरना मेरे ये आंसू समंदर हो गए होते।
Sunday, September 7, 2008
Do these..
Mithi mithi yaadon ko palakon pe saja lena,
Sath gujare hue lamhon ko dil mein basa lena.
Najar na aaye hum hakikat me agar,
To muskurake humein sapanon me bula lena..
Sath gujare hue lamhon ko dil mein basa lena.
Najar na aaye hum hakikat me agar,
To muskurake humein sapanon me bula lena..
मुस्कुराके हमें सपनों में बुला लेना..
Mithi mithi yaadon ko palakon pe saja lena,
Sath gujare hue lamhon ko dil mein basa lena.
Najar na aaye hum hakikat me agar,
To muskurake humein sapanon me bula lena..
Sath gujare hue lamhon ko dil mein basa lena.
Najar na aaye hum hakikat me agar,
To muskurake humein sapanon me bula lena..
मीठी मीठी यादों को पलकों पे सजा लेना,
साथ गुजरे लम्हों को दिल में बसा लेना।
नज़र ना आये हम हकीकत में अगर,
तो मुस्कुराके हमें सपनों में बुला लेना..
Sunday, July 20, 2008
आँसू की कीमत Aansoo ki keemat
Aansoo ki keemat wo kya jaane jo har baat pe aansoo bahate hain
Aansoo ki keemat unse puchho jo gamm mein bhi muskurate hain…
Aansoo ki keemat unse puchho jo gamm mein bhi muskurate hain…
आँसू की कीमत वो क्या जाने जो हर बात पे आँसू बहाते हैं
आँसू की कीमत उनसे पूछो जो गम में भी मुस्कुराते हैं...
Thursday, July 17, 2008
तलाश Talash
Roshni ki talash karta hoon,
Chandni ki talash karta hoon.Logon ke ghane jungle mein,
Aadmi ki talash karta hoon.
रोशनी की तलाश करता हूँ,
चांदनी की तलाश करता हूं.
लोगों के घने जंगल में,
आदमी की तलाश करता हूं.
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