खुदाया मुझे जिन्दगी चाहिए,
अंधेरों में हूँ रोशनी चाहिए.
तमन्ना नहीं मिले सारा गुलशन,
बस प्यार की एक कली चाहिए..
आशु तो कुछ भी नहीं आसूँ के सिवा, जाने क्यों लोग इसे पलकों पे बैठा लेते हैं।
तू तो ना मांगने वाले को भी बेहिसाब देता है, ए ख़ुदा
बस इतनी इल्तिजा, तू मेरी हर दुआ में असर कर दे!