Tuesday, April 7, 2020

बीमार, मर्ज, दवा शायरी

मौत आ कर सामने से ले गई बीमार को
देखिए चारागरों को चारा-गर देखा किए
- क़मर जलालवी

बीमार तंदुरुस्त हो देखे जो रोए यार
क्या चाशनी है शर्बत दीदार के लिए
- हैदर अली आतिश

तंदुरुस्ती का शुक्र किया है बताओ
रंज बीमार भाइयों का हटाओ
- अल्ताफ़ हुसैन हाली

कोई दवा न दे सके मशवरा-ए-दुआ दिया 
चारागरों ने और भी दर्द दिल का बढ़ा दिया 
- हफ़ीज़ जालंधरी

ज़ख़्म दिल का है ला-दवा यारो
चारागर को दिखा के देख लिया
- सदा अम्बालवी
वो दिल-नवाज़ है लेकिन नज़र-शनास नहीं 
मिरा इलाज मिरे चारा-गर के पास नहीं 
- नासिर काज़मी

इस मरज़ से कोई बचा भी है 
चारागर इश्क़ की दवा भी है 
- अज्ञात
किस से उम्मीद करें कोई इलाज-ए-दिल की 
चारागर भी तो बहुत दर्द का मारा निकला 
- लुत्फ़ुर्रहमान

अब मिरा दर्द मिरी जान हुआ जाता है 
ऐ मिरे चारागरो अब मुझे अच्छा न करो 
- शहज़ाद अहमद
चारागरी की बात किसी और से करो 
अब हो गए हैं यारो पुराने मरीज़ हम 
- शुजा ख़ावर

चारागर मरहम भरेगा तू कहाँ
रूह तक हैं ज़ख़्म की गहराइयाँ
- कैफ़ भोपाली

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