Tuesday, July 7, 2009
कोई दीवाना कहता है कोई पागल समझता है..
मगर धरती की बेचैनी को बस बादल समझता है |
मैं तुझसे दूर कैसा हुँ तू मुझसे दूर कैसी है,
ये मेरा दिल समझता है या तेरा दिल समझता है ||
समुन्दर पीर का अंदर है लेकिन रो नहीं सकता,
ये आसूँ प्यार का मोती है इसको खो नहीं सकता |
मेरी चाहत को दुल्हन तू बना लेना मगर सुन ले,
जो मेरा हो नहीं पाया वो तेरा हो नहीं सकता ||
मुहब्बत एक एह्सासों की पावन सी कहानी है,
कभी कबीरा दीवाना था कभी मीरा दीवानी है |
यहाँ सब लोग कहते है मेरी आँखों में आसूँ हैं,
जो तू समझे तो मोती है जो न समझे तो पानी है ||
भ्रमर कोई कुमुदनी पर मचल बैठा तो हँगामा,
हमारे दिल में कोई ख्वाब पला बैठा तो हँगामा |
अभी तक डूब कर सुनते थे हम किस्सा मुहब्बत का,
मैं किस्से को हक़ीक़त में बदल बैठा तो हँगामा ||
- डॉ कुमार विश्वास
Sunday, June 14, 2009
हम दीवानों की क्या हस्ती
हम दीवानों की क्या हस्ती, आज यहाँ कल वहाँ चले
मस्ती का आलम साथ चला, हम धूल उड़ाते जहाँ चलेआए बनकर उल्लास कभी, आँसू बनकर बह चले अभी
सब कहते ही रह गए, अरे तुम कैसे आए, कहाँ चलेकिस ओर चले? मत ये पूछो, बस चलना है इसलिए चले
जग से उसका कुछ लिए चले, जग को अपना कुछ दिए चलेदो बात कहीं, दो बात सुनी, कुछ हँसे और फिर कुछ रोए
छक कर सुख दुःख के घूँटों को, हम एक भाव से पिए चलेहम भिखमंगों की दुनिया में, स्वछन्द लुटाकर प्यार चले
हम एक निशानी उर पर, ले असफलता का भार चलेहम मान रहित, अपमान रहित, जी भर कर खुलकर खेल चुके
हम हँसते हँसते आज यहाँ, प्राणों की बाजी हार चलेअब अपना और पराया क्या, आबाद रहें रुकने वाले
हम स्वयं बंधे थे, और स्वयं, हम अपने बन्धन तोड़ चले-भगवती चरण वर्मा
Thursday, June 4, 2009
Wednesday, May 27, 2009
पुष्प की अभिलाषा
चाह नहीं मैं सुरबाला के
गहनों में गूथा जाऊँ
चाह नहीं प्रेमी माला में
बिंध प्यारी को ललचाऊँ
चाह नहीं सम्राटों के
शव पर हे हरि डाला जाऊँ
चाह नहीं देवों के सिर पर
चढूँ भाग्य पर इतराऊँ
मुझे तोड़ लेना बनमाली
उस पथ पर तुम देना फेंक
मातृभूमि पर शीश चढ़ाने
जिस पथ जाएँ वीर अनेक
Monday, April 20, 2009
सोच
नजर को बदलो, नज़ारे बदल जायेंगे;
कश्तियाँ बदलने की जरुरत नही,
दिशाओं को बदलो, किनारे बदल जायेंगे..
Monday, March 23, 2009
Monday, March 16, 2009
एहसास
तेरी पनाहों के साये में चाँदनी भी गुनगुनाती है.
ओढ़के सितारों का आँचल अंधेरे सँवरने लगे दोस्त,
तेरी मासूम यादें मेरे हर लम्हे को महकाती हैं!!
Sunday, February 8, 2009
Wednesday, February 4, 2009
सोचा न tha
संभाला था जिसे अब तक वो खो जायेगा.
इस तरह से जिंदगी में आओगी तुम,
मदहोश हो के दिल तुझमें ही खो जाएगा..