Friday, August 18, 2023

मिजाज़ तेरा भी हमने न कभी जाना है

मिजाज़ तेरा भी हमने न कभी जाना है 

सच तो ये भी ऐ दोस्त तुमको भी हमने न कभी पहचाना है

हम कहां जाकर दिल को समझाएं मेरी गुजारिश पे तुझे ऐतबार नहीं किस्सा ए जुनून नहीं जाना है 
खो जाते हैं हम तेरी यादों की रंगीन फुवार में सच् तो ये तुमने भी हाल ए गम मेरा ही नहीं जाना है 
आओ करीब अब चलें चमन में जश्न ए याद ए यार शुमार करें तुमने मेरा रंज ए आसना नही जाना है 
कमबख्त दिल को चैन कहां जिंदगी से ही अब घबरा गए हम मजबुरी में जी रहे हैं तुमने नहीं जाना है 

तुम चलो तो सही

मंज़िल ज़रूर मिलेगी

तुम चलो तो सही! 
बहारें सहरा में भी ज़रूर मिलेंगी, 
तुम चलो तो सही! 
तोड़ेगा कोई हौंसला, उड़ाएगा कोई हँसी। 
खुद पर भरोसा रख, सुबह ज़रूर मिलेगी, 
तुम चलो तो सही! 
भूलकर आज के ग़म,बस बढ़ता चल! 
मुस्कुराहट जीत की, 
तुम्हारे चेहरे पर, 
ज़रूर खिलेगी। 
तुम चलो तो सही!

कुछ तुम सी

कभी बेपनाह

बरस पड़ी 
कभी मौन होकर 
पड़ी रही 
बारिश को 
क्या कहें, हम 
दिखती है 
कुछ तुम सी।।

कोई चीज़ है जो मुझे तेरी ओर खींचती है।

कोई चीज़ है जो मुझे तेरी ओर खींचती है।

बांधकर मोहपाश में मुझे तेरी ओर भेजती है। 
क्या करूं बचूं कैसे इन माया जालों से 
नहीं सो पाया हूं अब तक चैन से कईं सालों से 
जब से पाया हूं खुद को दूर तुझसे। 
लूट गई जिंदगी की नूर हो जैसे । 
बड़ी कठिन हैं ये इश्क़ की राहें ओ मेरी हमदम 
मैं इनपर चल कर तेरे पास आऊं तो आऊं कैसे। 
उल्फत में तेरी बेखुदी सा आलम है । 
मेरे पल पल हर पल में सिर्फ़ तू हीं शामिल है। 
शबनमी सुब्हों में भी तुझ बिन बेरंग सी हो गई जिंदगी 
तन्हा उदास बेज़ार सी हो गई जिंदगी । 
बस करता फिरूं सिर्फ़ तेरी बंदगी 
इस क़दर बन गई तू मेरी जिंदगी। 
जब तू बनकर मेहर खुदा की इस दिल की 
मेहरम बन गई .. 
पलक झपकते हीं दिल तोड़ कर ना जाने 
कहां खो गई... 
पर तेरी सुनहरी यादें वस्ल की हैं ईनायत मुझ पर । 
है यें करम खुदा का , की है तेरी रवायत मुझ पर। 
पर ये हुआ क्यों कि छोड़ कर दमन मेरा किसी और की महफ़िल में खो गई क्यूं तू ... 
जब तेरा आना भी तेरी मर्ज़ी थी 
मेरे दिल को लुभाना भी तेरी मर्ज़ी थी। 
ख़ैर मैं तो अंततः यहीं कहूंगा कि... 
तू गई इसका गम तो ज़रूर है मुझको 
पर तू अपनी यादें अपने साथ ना ले गई 
इसका मलाल भी है मुझको। 
कर रहम ओ मेरी जन्नत मेरी मेहरम 
बस है यही तुझसे इल्तेज़ा मिन्नत 
कि इस बार भी तू कर इतना एहसान 
तेरी यादों ने मुझे कर रक्खा है परेशान 
कि तू जहां है वहीं तेरी यादें भी 
चली जायें ... 
जैसे तू भूल गई मुझको 
ठीक वैसे ही तेरी यादें 
तेरी अनगिनत बातें मुझे कभी भी 
ना याद आयें। 
तू और तेरी यादों कभी भी ना अlयें 
ना मुझे तड़पाएं ना फिर कभी मुझे सतायें। 
तू और तेरी यादें कभी भी ना आये.. 
तू और तेरी यादें कभी भी ना आयें ...

कभी इंकार करते हो कभी इकरार करते हो

कभी इंकार करते हो कभी इकरार करते हो तुम 

मिजाज़ बदल कर जब भी जी चाहा तकरार किया करते हो

सच तो ये तेरी मेहरबानी के बदौलत मेरी जिंदगी गुजर रही तुम मिजाज बदल के हमें बेकरार किया करते हो 
अब अजीब तजुर्बा दिल को होने लगा है नींद मेरी उड़ा के जाने वाले कभी रोने को हमें मजबूर किया करते हो 
है दर्द कितना हमें तुमसे दूर होने पे डरते हैं हम भी अक्सर तू अब मुझसे दूर होकर हमें बेकरार किया करते हो 
अच्छी नहीं लगती तेरी आदत अब हमें तुम भी अब मर्जी के मुताबिक जब भी चाहा हर रोज करार किया करते 

कोई लम्हा नही चाहेगा, दूर तुम जाओ

ज़ेहन की गलियों भटककर, उसी में  गुम जाओ

कोई    लम्हा   नही   चाहेगा,  दूर    तुम   जाओ 

कौन- सी   बात   पे, राहों    की     हुई  पैमाइश 
इधर   से गुजरूं  अकेला मैं, उधर   तुम  जाओ 

जहाँ   लिखा   हो,   तेरे  बिन  कदम  बढ़ेंगे   मेरे 
हाथ  की   ऐसी   लकीरों  को, छोड़  कर  आओ 

अधूरेपन    की     कहानी,   उसे   समझ    लेना 
कतरनों   में,  जो   मुकम्मल    लिबास को पाओ 

जिसको सुन  करके, सभी को सुकून  मिलता हो 
ऐसी   बातों   को   भी,    बेबात  कभी  दोहराओ

उसे खोने का क्यों ग़म है

दिल गुमसुम और जुबान खामोश है,

हमारी आंखें आज नम हैं, 
जो कभी अपना हुआ ही नहीं, 
उसे खोने का क्यों ग़म है.

Thursday, August 17, 2023

तुझ संग फुरसतों की एक शाम चाहिए मुझे

जीवन का यह अंजाम चाहिए मुझे

तुझ संग फुरसतों की एक शाम चाहिए मुझे.

मेरे न होने से बेचैन रहो तुम

इश्क मेँ ऐसा मुकाम चाहिए मुझे.

तुम से मांगने का बहुत मन था 

इन निगाहों का इनाम चाहिए मुझे.

कहने लगो दीवाना पागल मुझे तुम

सर पर अपने यह इल्जाम चाहिए मुझे.

Tuesday, August 8, 2023

अच्छा लगता है

अच्छा लगता है ,तेरा छुपकर

मुझे देखना और 
मेरे देख लेने पर तेरा घबराना 
अच्छा लगता है, तेरा छुपकर 
मेरी तस्वीरे लेना 
और उन तस्वीरों को मुझसे छुपाना 
अच्छा लगता है, घण्टों तुझसे बातें करना 
फिर उन बातों कि यादों मे खो जाना 
अच्छा लगता है 
मेरे देखने पर तेरा शर्माना 
अच्छा लगता है , मेरे हसँने पर 
तेरा मुस्कुराना 
तेरे भीतर की खामोशी में 
मेरा आशियाना 
अच्छा लगता है , तेरी अतरंगी बातों से 
दिल को बहलाना 
अच्छा लगता है , मुझपे 
तेरा हक दिखाना 
अच्छा लगता है , तेरा छुपकर 
मुझे देखना और 
मेरे देख लेने पर तेरा घबराना।। 

कुछ ग़रज़ उसको ख़ास होगी आज लोगों से,

कुछ ग़रज़ उसको ख़ास होगी आज लोगों से,

बेसबब सबको दे रहा है वो कंधा अपना।