हम उसकी याद में परेशान बहुत हैं,
चाहत की राह में बिखरे अरमान बहुत हैं!
वो हर बार दिल तोड़ता है ये कह कर,
मेरी उम्मीदों की दुनिया में अभी मुकाम बहुत है!
Friday, August 25, 2017
बिखरे अरमान
Thursday, August 24, 2017
जिंदगी सी होती है
Kabhi kabhi in ankho main nami se hoti hai,
Kabhi kabhi in honto pe hansi si hoti hai.
Ae dost woh tumhi ho
जिससे,
meri zindgi, zindgi si hoti hai.. 😘
कदम
कदम यूँ ही डगमगा गए रास्ते में,
वैसे संभलना हम भी जानते थे!
ठोकर लगी हमें उस पत्थर से,
जिसे हम कभी अपना मानते थे!!
इन्तहाँ कहाँ तक है
ना पूछ, मेरे सब्र की इन्तहाँ कहाँ तक है,
कर ले तू सितम, तेरी हसरत जहाँ तक है!
वफ़ा की उम्मीद जिन्हें होगी, उनको मुबारक,
हमें तो देखना है, तू बेवफ़ा कहाँ तक है!!
चाहत सी हो गई है
उसके साथ रहते रहते, उससे चाहत सी हो गई है,
उससे बात करते करते, उसकी आदत सी हो गई है!
एक पल ना मिलो तो, बेचैनी सी लगती है,
दोस्ती निभाते निभाते उससे, मोहब्बत सी हो गई है!
होठों की नमी चुरा लूँ
तेरे पंखुड़िओ जैसे होठों की नमी को चुरा लूँ,
तेरी ज़ुल्फों की साए में खुद को छुपा लूँ!
तेरे बदन की खुशबू में बस अब नहा लूँ,
गर फिर भी चैन ना आये, तो ये सब दुहरा लूँ!!
Sunday, August 7, 2016
गुज़रा हुआ कल
*"काश फिर मिलने की वजह मिल जाए!*
*"साथ जितना भी बिताया वो पल मिल जाए!*
*"चलो अपनी अपनी आँखें बंद कर लें!*
*"क्या पता ख़्वाबों में गुज़रा हुआ कल मिल जाए!*