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Monday, February 13, 2023

प्रथम💋चुम्बन

तुम्हारे अधरों पर प्रथम💋चुम्बन, 

खिल उठा हृदय, इक नया जीवन.

जैसे खुल गए साधना के बंधन,

तन मन में नव शैशव यौवन।


वो तुम्हारे होठों का कम्पन,

थम सी गई दिल की धड़कन.

जुम्बिश-ए-लब का अनविरत क्रम,

कुछ यूँ हुआ दो रूहों का मिलन।


ये तुम्हारा गुल सा बदन,

मेरे बालों पे तुम्हारे हाथों का छुअन.

बुझ गई सदियों की तपन,

वो हमारा प्रथम💋चुम्बन।


तुम सुंदर से अति सुंदर,

शीतल, निश्चल, करूण व निर्मल.

तेरा मेरा प्यार पतित पावन,

सदा रहे, न बदले, न हो कुछ कम॥

अब इजाजत का सवाल कहाँ

मेरे होठों के करीब है होंठ तेरे,
ऐसे में शराफ़त का सवाल कहाँ,
करने दे जी भर के गुस्ताखियाँ
कि अब इजाजत का सवाल कहाँ.

Wednesday, May 5, 2021

सुर्ख इन लबों की र॔गत गुलाबों में कहां

सुर्ख इन लबों की र॔गत गुलाबों में कहां, 
होगा चांद हसीं लेकिन तेरे जितना कहां? 

Thursday, August 24, 2017

होठों की नमी चुरा लूँ

तेरे पंखुड़िओ जैसे होठों की नमी को चुरा लूँ,
तेरी ज़ुल्फों की साए में खुद को छुपा लूँ!
तेरे बदन की खुशबू में बस अब नहा लूँ,
गर फिर भी चैन ना आये, तो ये सब दुहरा लूँ!!