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Wednesday, May 5, 2021

सुर्ख इन लबों की र॔गत गुलाबों में कहां

सुर्ख इन लबों की र॔गत गुलाबों में कहां, 
होगा चांद हसीं लेकिन तेरे जितना कहां? 

Friday, December 27, 2019

Friday, October 18, 2019

इक चाँद फ़लक पर निकला हो

ऐ काश हमारी क़िस्मत में
ऐसी भी कोई शाम आ जाए 
इक चाँद फ़लक पर निकला हो
इक चाँद सर-ए-बाम आ जाए! 

Wednesday, October 9, 2019

अपनी ही अदा से

अपनी ही तेग़-ए-अदा से आप घायल हो गया,
चाँद ने पानी में देखा और पागल हो गया!