Saturday, July 11, 2020

ज़रा सी बात पे दिल से बिगाड़ आया हूं

ज़रा सी बात पे दिल से बिगाड़ आया हूं
बना बनाया हुआ घर उजाड़ आया हूं

वो इंतिक़ाम की आतिश थी मेरे सीने में
मिला न कोई तो ख़ुद को पछाड़ आया हूं

मैं इस जहान की क़िस्मत बदलने निकला था
और अपने हाथ का लिक्खा ही फाड़ आया हूं

अब अपने दूसरे फेरे के इंतिज़ार में हूं
जहां जहां मिरे दुश्मन हैं ताड़ आया हूं

मैं उस गली में गया और दिल ओ निगाह समेत
'दोस्त' जेब में जो कुछ था झाड़ आया हूं

मै फूल हूँ तो फिर तेरे बालो में क्यों नही

जो तेरे साथ रहते हुए सौ गवार हो
लानत हो ऐसे शख़्स पे बेशुमार हो

अब इतनी देर भी ना लगा आने में
ये न हो तू आ चुका हो तेरा इंतज़ार हो

मै फूल हूँ तो फिर तेरे बालो में क्यों नही
तू तीर है तो मेरे कलेजे के पार हो...

तहज़ीब हाफी 

Friday, July 10, 2020

सुलगती थी तमन्ना आँखों में

सुलगती थी तमन्ना आँखों में ,अश्क़ों को रोज जलाती थी
तेरे मह पर चाँदनी उगती थी,वो आँखों में ठंडक लाती थी

ठहरे हुए पानी की अदा तुम भी तो देखो

चुप-चाप सुलगता है दिया तुम भी तो देखो
किस दर्द को कहते हैं वफ़ा तुम भी तो देखो

किस तरह किनारों को है सीने से लगाए
ठहरे हुए पानी की अदा तुम भी तो देखो

बशर नवाज़

कि तेरे बाद मुझे कोई बेवफ़ा न लगे...

न जाने क्या है किसी की उदास आँखों में
वो मुँह छुपा के भी जाये तो बेवफ़ा न लगे

तू इस तरह से मिरे साथ बेवफ़ाई कर
कि तेरे बाद मुझे कोई बेवफ़ा न लगे...

कैसर उल जाफ़री

बारिश - गुलजार शायरी

मैं चुप कराता हूं हर शब उमड़ती बारिश को
मगर ये रोज़ गई बात छेड़ देती है



बारिश आने से पहले
बारिश आने से पहले
बारिश से बचने की तैयारी जारी है
सारी दरारें बन्द कर ली हैं
और लीप के छत, अब छतरी भी मढ़वा ली है
खिड़की जो खुलती है बाहर
उसके ऊपर भी एक छज्जा खींच दिया है
मेन सड़क से गली में होकर, दरवाज़े तक आता रास्ता
बजरी-मिट्टी डाल के उसको कूट रहे हैं !
यहीं कहीं कुछ गड़हों में
बारिश आती है तो पानी भर जाता है
जूते पाँव, पाँएचे सब सन जाते हैं

गले न पड़ जाए सतरंगी
भीग न जाएँ बादल से
सावन से बच कर जीते हैं
बारिश आने से पहले
बारिश से बचने की तैयारी जारी है !


बारिश होती है तो पानी को भी लग जाते हैं पाँव
बारिश होती है तो पानी को भी लग जाते हैं पाँव
दर-ओ-दीवार से टकरा के गुज़रता है गली से
और उछलता है छपाकों में
किसी मैच में जीते हुए लड़कों की तरह

जीत कर आते हैं जब मैच गली के लड़के
जूते पहने हुए कैनवस के उछलते हुए गेंदों की तरह
दर-ओ-दीवार से टकरा के गुज़रते हैं
वो पानी के छपाकों की तरह

Thursday, July 9, 2020

आँखों को शराब कर के तो देखो

आँखों को शराब कर के तो देखो,
होठों को गुलाब कर के तो देखो. 
खण्डहर में भी आएगा महल का मजा,
बस एक बार नियत खराब कर के तो देखो. 

Tuesday, July 7, 2020

रूबरू उनसे मेरी मुलाकात हो गई ।

इस सावन एक अज़ीब बात हो गई
मेरे आंगन में खूब बरसात हो गई ।

उनको बरसों से सपनों में थे देखते
रूबरू उनसे मेरी मुलाकात हो गई ।

इस सावन एक अज़ीब बात हो गई
मेरे आंगन में खूब बरसात हो गई ।

दिल में जज्बातों का भरा था समंदर
शुक्र उनसे खुलकर मेरी बात हो गई ।

इस सावन एक अज़ीब बात हो गई
मेरे आंगन में खूब बरसात हो गई ।

उन्होंने भी दामन बढ़कर थाम लिया
जेठ की धूप में सुहानी रात हो गई।

इस सावन एक अज़ीब बात हो गई
मेरे आंगन में खूब बरसात हो गई ।

यकीं हो नहीं पा रहा, है कुछ नरेश
प्यार की यह कैसी सौगात हो गई ।

इस सावन एक अज़ीब बात हो गई
मेरे आंगन में खूब बरसात हो गई ।

ये तो इक रस्म-ए-जहाँ है जो अदा होती है

ये तो इक रस्म-ए-जहाँ है जो अदा होती है 
वर्ना सूरज की कहाँ सालगिरह होती है ।

Monday, July 6, 2020

बस कुछ बातें प्यार की...!!

ना लाख की , ना हजार की ,
बस कुछ बातें प्यार की...!!

ना कल की , ना आज की ,
ना बीते शनिवार की ,
बस कुछ बातें प्यार की...!!

ना ज्ञान की , ना विज्ञान की ,
ना इस दुःखद संसार की ,
बस कुछ बातें प्यार की...!!

ना देश की , ना समाज की ,
ना सत्ता , ना सरकार की ,
बस कुछ बातें प्यार की...!!

ना हुस्न की , ना दीदार की ,
किन्तु... पहले इज़हार की ,
बस कुछ बातें प्यार की...!!

उसका कक्षा में आना ,
              नयन-मोती चुराना ,
उन अदाओं के वार की ,
            बस कुछ बातें प्यार की...!!

उसका मृग स्वरूप लजाना ,
            मुख-मण्डल को छुपाना ,
फिर... एक हंसी की फुहार की ,
            बस कुछ बातें प्यार की...!!

उसका बिन बातें बतियाना ,
          जैसे अन्तःपटल थपथपाना ,
उस माधुर्य सी रसधार की ,
          बस कुछ बातें प्यार की...!!

दोस्तों का सताना ,
        उसके नाम से बुलाना ,
उस प्यारे से एहसास की ,
       बस कुछ बातें प्यार की...!!

उसकी सहेलियों का चिढ़ाना ,
          फिर प्रयत्नपूर्वक मनाना ,
उस मीठी सी मनुहार की ,
          बस कुछ बातें प्यार की...!!

उसका सबसे रूठना ,
                फूलों के भाँति बिखरना ,
फिर... कर-कमलों के प्रहार की ,
                बस कुछ बातें प्यार की...!!

उसका जिस दिन ना आना ,
           मानों धड़कनें थम जाना ,
उस पल-पल इंतज़ार की ,
           बस कुछ बातें प्यार की...!!

ना हीर-रांझा की ,
             ना शिरी-फरहाद की ,
ना लैला-मजनू की ,
            ना सोनी-महिवाल की ,
बस कुछ बातें प्यार की....!!