Tuesday, June 11, 2019

तुम मिले हो तो

तुम मिले हो तो लगता है,
उम्र थम गई है और...
साल गुजर रहे हैं यूँ ही।

कुछ कलियाँ हैं अधखिलीं,
कोई महक बरकरार है यूँ ही।

उन बारिशों के पानी को,
कैद कर लिया था इन आँखों ने...
छलकने को है बेताब ये चश्म-ए-नम यूँ ही।

Monday, June 10, 2019

तेरी गली

वो माथे का मतला हो कि होंठों के दो मिसरे
बचपन की ग़ज़ल ही मेरी महबूब रही है

हम दिल्ली भी हो आये हैं लाहौर भी घूमे
ऐ यार मगर तेरी गली तेरी गली है

~ बशीर बद्र

Friday, June 7, 2019

हौसलों से उड़ते हैं


कभी महक की तरह हम गुलों से उड़ते हैं,
कभी धुएं की तरह पर्बतों से उड़ते हैं....
ये कैंचियां हमें उड़ने से खाक रोकेंगी,
के हम परों से नहीं हौंसलों से उड़ते हैं!

Thursday, June 6, 2019

फासले

फ़ासले ऐसे भी होंगे ये कभी सोचा ना था,
सामने बैठा था मेरे और मेरा ना था!

Tuesday, June 4, 2019

हमदर्द की तलाश में

हमदर्द की तलाश में हरदम,
हमको सिर्फ दर्द मिला है...
कोई बढ़ा न पाया हमारे साथ कदम,
क्योंकि सब को हमारी शख़्सियत पर,
अच्छाईयों का गर्द मिला है...!

Monday, June 3, 2019

जुल्फों की घनी छाँव


भीगी हुई आँखों का ये मंजर ना मिलेगा,घर छोड़कर मत जाओ कहीं घर ना मिलेगा,फिर याद बहुत आएगी जुल्फों की घनी छांव,जब धूप में शाया कोई सर पर ना मिलेगा,आँसू को कभी ओस का कतरा ना समझना ऐसा तुम्हें चाहत का समंदर ना मिलेगा!

Sunday, June 2, 2019

सवाल नहीं

वो अता करे तो शुक्र उसका
न दे तो  मलाल नहीं
मेरे रब के फ़ैसले कमाल हैं
उन फ़ैसलों पे सवाल नहीं!

Saturday, June 1, 2019

विसाल ए यार

न आज लुत्फ़ कर इतना कि कल गुज़र न सके
वो रात जो कि तिरे गेसुओं की रात नहीं
ये आरज़ू भी बड़ी चीज़ है मगर हमदम
विसाल-ए-यार फ़क़त आरज़ू की बात नहीं

नोक झोंक

जिनसे मोहब्बत हो,
उनसे लड़ना भी तो होता है..
नोकझोंक और क्या,
प्यार का बढ़ना ही तो होता है।

बिगाड़

अजीब लुत्फ़ कुछ आपस के छेड़-छाड़ में है,
कहाँ मिलाप में वो बात जो बिगाड़ में है!