Friday, January 9, 2026

सजना संवरना तेरा बिजली गिरा गया

सजना संवरना तेरा ,बिजली गिरा गया।

रूप तेरा सलौना ,मेरे दिल को भा गया।

ढूंढे से भी नहीं मिलता ,चैन मेरे दिल को
ढूंढूं ग़र दिल ,तो भी जाने कहां गया।

बार बार पलकों को तेरा गिरा कर उठाना,
दीवाने को ये और दीवाना बना‌ गया ।

जुल्फों का लहराना जैसै काली घटा छाये
दिल मेरा ,तेरा होकर कर मुझसे दगा गया

जाते हुये मुड़ मुड़ कर वो देखना तेरा
बोलूं तो दो बोतल का कर वो नशा गया।

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