Friday, January 30, 2026

दिल दे तो इस मिजाज का परवरदिगार दे

वो जितनी दूर हो उतना ही मेरा होने लगता है,

मगर जब पास आता है तो मुझ से खोने लगता है।  

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दिल दे तो इस मिजाज का परवरदिगार दे। 

जो रंज की घडी भी ख़ुशी से गुजार दे। 

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मिलाते हो उसी को खाक में जो दिल से मिलता है। 

मेरी जां दिल से चाहने वाला बड़ी मुश्किल से मिलता है। 

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