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Wednesday, May 6, 2020

अकेलापन, तन्हाई शायरी

वो नहीं है न सही तर्क-ए-तमन्ना न करो
दिल अकेला है इसे और अकेला न करो
- महमूद अयाज़


हर तरफ़ दोस्ती का मेला है
फिर भी हर आदमी अकेला है
- फ़रहत अब्बास

 

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भीड़ तन्हाइयों का मेला है
आदमी आदमी अकेला है
- सबा अकबराबादी


है आज ये गिला कि अकेला है 'शहरयार'
तरसोगे कल हुजूम में तन्हाई के लिए
- शहरयार

जब वो साथ होता है
हम अकेले होते हैं
- नज़ीर क़ैसर


'माजिद' ख़ुदा के वास्ते कुछ देर के लिए
रो लेने दे अकेला मुझे अपने हाल पर
- हुसैन माजिद

तुम से मिले तो ख़ुद से ज़ियादा
तुम को अकेला पाया हम ने
- इरफ़ान सिद्दीक़ी


एक महफ़िल में कई महफ़िलें होती हैं शरीक
जिस को भी पास से देखोगे अकेला होगा
- निदा फ़ाज़ली

अकेले घर में भरी दोपहर का सन्नाटा
वही सुकून वही उम्र भर का सन्नाटा
- इशरत आफ़रीं


मैं जब मैदान ख़ाली कर के आया
मिरा दुश्मन अकेला रह गया था
- दिलावर अली आज़र

Saturday, May 2, 2020

अकेलापन, तन्हाई शायरी

वो नहीं है न सही तर्क-ए-तमन्ना न करो
दिल अकेला है इसे और अकेला न करो
- महमूद अयाज़


हर तरफ़ दोस्ती का मेला है
फिर भी हर आदमी अकेला है
- फ़रहत अब्बास



भीड़ तन्हाइयों का मेला है
आदमी आदमी अकेला है
- सबा अकबराबादी


है आज ये गिला कि अकेला है 'शहरयार'
तरसोगे कल हुजूम में तन्हाई के लिए
- शहरयार

जब वो साथ होता है
हम अकेले होते हैं
- नज़ीर क़ैसर


'माजिद' ख़ुदा के वास्ते कुछ देर के लिए
रो लेने दे अकेला मुझे अपने हाल पर
- हुसैन माजिद

तुम से मिले तो ख़ुद से ज़ियादा
तुम को अकेला पाया हम ने
- इरफ़ान सिद्दीक़ी


एक महफ़िल में कई महफ़िलें होती हैं शरीक
जिस को भी पास से देखोगे अकेला होगा
- निदा फ़ाज़ली

अकेले घर में भरी दोपहर का सन्नाटा
वही सुकून वही उम्र भर का सन्नाटा
- इशरत आफ़रीं


मैं जब मैदान ख़ाली कर के आया
मिरा दुश्मन अकेला रह गया था
- दिलावर अली आज़र

Saturday, October 12, 2019

ख़त्म कुछ देर को दुनिया का झमेला कर दे

ख़त्म कुछ देर को दुनिया का झमेला कर दे
ख़ुद के अन्दर से गुज़रना है अकेला कर दे

डॉ कुमार विश्वास

Wednesday, October 9, 2019

जहाँ तुम नहीं वहाँ हम अकेले हैं !

हजारो महफिलें हैं और लाखों मेले हैं,
पर जहाँ तुम नहीं वहाँ हम अकेले हैं !