Friday, August 16, 2019

तलब, जुनून, तन्हा देख कर

तेरी तलब की हद ने कुछ ऐसा जुनून बक्शा है...
हम नींद से उठ जाते हैं तुझे ख्वाब में तन्हा देख कर...

Thursday, August 15, 2019

मेरी पेशानी पे

मैं मर जाऊं तो मेरी एक अलग पहचान लिख देना,
लहू से मेरी पैशानी पे हिन्दुस्तान लिख देना!

Rahat Indori

Wednesday, August 14, 2019

खानाबदोश, सादा दिल

यूँ मोहब्बत से ना हम खाना - बदोशों को बुलाओ,
हम इतने सादा दिल हैं के घर -बार उठा लायेंगे!

सोये भी ना

लिख तू कुछ ऐसा
ऎ-दिल जिसे पढ
वो रोये भी ना
और रात भर सोये भी ना!

आँखें झील सी, होंठ गुलाब से, लोग किताब जैसे

आँखे झीलों की तरह होंठ गुलाब जैसे 
अब भी होते है कई लोग किताब जैसे!

जिन्दगी, ख्वाब, जुर्म, इल्जाम

इतनी सी तो ज़िन्दगी है,
पर ख्वाब बहुत है!
जुर्म का तो पता नही,
पर इल्ज़ाम बहुत है!

Tuesday, August 13, 2019

कीचड़, खुशी की खातिर, बरबाद, लीचड़

अब सपनों को उगाने वाली मिट्टी नही,
बल्कि आंसुओं से बना हुआ कीचड़ हूँ मैं...
उसकी खुशी की खातिर,
अपना सब कुछ लुटा कर बर्बाद हो गया,
फिर भी वो कहती है,
कि इश्क़ में, लीचड़ हूँ मैं....!!

गलतफहमी, निभाना, इश्क, मुलाकात

गलतफ़हमीयाँ मिटाने के लिए,
दो बातें जरुरी होती हैं,
यूँही नहीं निभाया जाता इश्क,
मुलाकातें जरुरी होती हैं!

Monday, August 12, 2019

खामोश, ख्याल, तेरी बातें, गुफ्तगू, रातें

चंद खामोश ख्याल और तेरी बातें,
खुद से गुफ़्तगु में गुजर जाती हैं  रातें!

Monday, August 5, 2019

बुलंद, तकदीर, रजा

ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले
ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है