Thursday, January 10, 2019

Teasers

मिल रही हो तुम, 
न खो रही हो तुम, 
दिन ब दिन बेहद, 
दिलचस्प हो रही हो तुम! 


पहली नज़र भी आप की उफ़ किस बला की थी
हम आज तक वो चोट हैं दिल पर लिए हुए




यूं अदाएं न बिखेरिए मौसम-ए-बहार में,

सूखे दरख़्त भी खिल उठेंगे हुस्न-ए-बयार में!

मौसम-ए-इश्क़ है ये जरा,
खुश्क हो जाएगा!
ना उलझा करो हम से,
वरना इश्क़ हो जाएगा!
तेरे इश्क़ से ही मिली है मेरे वजूद को ये शोहरत,
मेरा ज़िक्र ही कहाँ था तेरी दास्ताँ से पहले ..!!
बस एक झिझक है हाल-ए-दिल सुनाने में,
कि तेरा ज़िक्र भी आएगा इस फ़साने में !!
जागती रातो को,
सपनो का बहाना मिल जाए!
तुम जो मिल जाओ तो,
जीने का बहाना मिल जाए!
अच्छा खासा बैठे बैठे, गुम हो जाता हूँ,
अब मैं अक्सर मैं नहीं रहता, तुम हो जाता हूँ!
मेरे हिस्से में बस इतना गुमान रहने दे,
कि मैं हूँ तेरा मुझे अपनी जान रहने दे!
कभी देखेंगे ऐ जाम तुझे होठों से लगाकर, 
तू मुझमें उतरता है कि मैं तुझमें उतरता हूँ।
ज़िंदगी गमों का पुलिंदा है,
ख़ुशियाँ आज कल चुनिंदा है,
कभी याद कर लिया करो इस नाचीज़ को,
ये शख्स अभी तक ज़िंदा है!
लोग कहते हैं कि प्यार में नींद उड़ जाती है,
कोई हमसे इश्क़ करता, कम्बख्त नींद बहुत आती है!
तेरे पंखुड़िओ जैसे होठों की नमी को चुरा लूँ,
तेरी ज़ुल्फों की साए में खुद को छुपा लूँ!
तेरे बदन की खुशबू में बस अब नहा लूँ,
गर फिर भी चैन ना आये, तो ये सब दुहरा लूँ!!
कोई मरहम नहीं चाहिए,
ज़ख्म मिटाने के लिए।
तेरी एक झलक ही काफ़ी है,
मेरे ठीक हो जाने के लिए!
देख कर मेरी/मेरी आँखें,
एक फकीर कहने लगा.
पलकें तुम्हारी नाज़ुक है,
ख्वाबों का वज़न कम कीजिये!
खूबसूरत गज़ल जैसा है तेरा चाँद सा चेहरा,
निगाहे शेर पढ़ती हैं जो लब इरशाद करते है।
मिलती जुलती मेरी ग़ज़लों से है सूरत  तेरी,
लोग तुझको मेरा महबूब समझते होंगे!
मिलो कभी चाय पर, फिर किस्से बुनेंगे,
तुम खामोशी से कहना हम चुपके से सुनेंगे!
खुद को इतना भी मत बचाया कर,
बारिशें हो तो भीग जाया कर।
काम ले कुछ हसीन होंठो से,
बातों-बातों मे मुस्कुराया कर।।
वो बचपन के दिन थे,
ये जवानी की बयार।
पहले भी रुख पे तेरे तिल था,
मगर कातिल न था!
जब जब तेरा दीद हुआ है,
अपना तो ईद हुआ है।
जब जब तेरा दीदार हुआ है,
अपना तो त्योहार हुआ है।।
छेड़ आती हैं कभी लब तो कभी रूखसारों को,
तुमने ज़ुल्फ़ों को बहुत सर पर चढा रखा है ।
 काश तू चाँद और मैं सितारा होता,
आसमान में एक आशियाना हमारा होता।
 लोग तुम्हे दूर से देखते,
नज़दीक़ से देखने का, हक़ बस हमारा होता।।
कभी साथ बैठो, तो कहूँ कि दर्द क्या है?
अब यूँ दूर से पूछोगे, तो ख़ैरियत ही कहेंगे!
मेरे दिल पे हाथ रखो,
जरा सा जुनून दो।
उदास हूँ बहुत दिनों से,
मेरे दिल को सुकून दो!

Wednesday, January 9, 2019

सूरत तेरी

मिलती जुलती मेरी ग़ज़लों से है सूरत तेरी,
लोग तुझको मेरा महबूब समझते होंगे!

Tuesday, January 8, 2019

हमकदम

फक्त यादों के सहारे जी नहीं सकते,
नासूर ज़ख्मों को सी नहीं सकते।
हमकदम की जरूरत सबको होती है,
तन्हा जिंदगी का जहर पी नहीं सकते।।

एक उम्र के बाद

गुज़र जाते हैं खूबसूरत लम्हें,
यूं ही मुसाफिरों की तरह .
यादें वहीं खडी रह जाती हैं ,
रूके रास्तों की तरह।

एक "उम्र" के बाद,
"उस उम्र" की बातें,
"उम्र भर" याद आती हैं ,
पर "वह उम्र" फिर,
"उम्र भर" नहीं आती!

ताउम्र

मोहब्बत करना तो मेरा उसूल है,
मेरे खून में बस यही जनून है!
साथ देना है तो ताउम्र दो,
वरना चंद लम्हों की दिल्लगी फिजूल है!!

Monday, January 7, 2019

चलते रहना

जिन्दगी तो हार जीत का नाम हैं,
हर पल ख़ुशी गम का पैगाम हैं।
मत छोड़ना कभी हौसलों का हाथ,
चलते रहना ही जिंदगी का काम है।।

ख़्वाब बोने दो

जागे हैं देर तक , हमें थोड़ी देर और सोने दो,
थोड़ी सी रात और हैं , सुबह तो होने दो।
आधे अधूरे ख्वाब ,जो पूरे ना हो सके,
एक बार फिर से ,नींद में वो ख्वाब बोने दो।।

मोहब्बत

मोहब्बत मुकद्दर है कोई ख़्वाब नही,
ये वो अदा है जिसमें हर कोई कामयाब नही।
जिन्हें मिलती मंज़िल उंगलियों पे वो खुश है,
मगर जो पागल हुए उनका कोई हिसाब नही।।

Saturday, January 5, 2019

मिलो चाय पर

मिलो कभी चाय पर, फिर किस्से बुनेंगे,
तुम खामोशी से कहना हम चुपके से सुनेंगे!

Friday, January 4, 2019

राख न हो

वो शमा की महफ़िल ही क्या,
जिसमे दिल खाक ना हो.
मज़ा तो तब है चाहत का,
जब दिल तो जले पर राख ना हो!