लोग तुझको मेरा महबूब समझते होंगे!
Wednesday, January 9, 2019
Tuesday, January 8, 2019
हमकदम
फक्त यादों के सहारे जी नहीं सकते,
नासूर ज़ख्मों को सी नहीं सकते।
हमकदम की जरूरत सबको होती है,
तन्हा जिंदगी का जहर पी नहीं सकते।।
एक उम्र के बाद
गुज़र जाते हैं खूबसूरत लम्हें,
यूं ही मुसाफिरों की तरह .
यादें वहीं खडी रह जाती हैं ,
रूके रास्तों की तरह।
एक "उम्र" के बाद,
"उस उम्र" की बातें,
"उम्र भर" याद आती हैं ,
पर "वह उम्र" फिर,
"उम्र भर" नहीं आती!
ताउम्र
मोहब्बत करना तो मेरा उसूल है,
मेरे खून में बस यही जनून है!
साथ देना है तो ताउम्र दो,
वरना चंद लम्हों की दिल्लगी फिजूल है!!
Monday, January 7, 2019
चलते रहना
जिन्दगी तो हार जीत का नाम हैं,
हर पल ख़ुशी गम का पैगाम हैं।
मत छोड़ना कभी हौसलों का हाथ,
चलते रहना ही जिंदगी का काम है।।
ख़्वाब बोने दो
जागे हैं देर तक , हमें थोड़ी देर और सोने दो,
थोड़ी सी रात और हैं , सुबह तो होने दो।
आधे अधूरे ख्वाब ,जो पूरे ना हो सके,
एक बार फिर से ,नींद में वो ख्वाब बोने दो।।
मोहब्बत
मोहब्बत मुकद्दर है कोई ख़्वाब नही,
ये वो अदा है जिसमें हर कोई कामयाब नही।
जिन्हें मिलती मंज़िल उंगलियों पे वो खुश है,
मगर जो पागल हुए उनका कोई हिसाब नही।।
Saturday, January 5, 2019
Friday, January 4, 2019
राख न हो
वो शमा की महफ़िल ही क्या,
जिसमे दिल खाक ना हो.
मज़ा तो तब है चाहत का,
जब दिल तो जले पर राख ना हो!
Tuesday, December 4, 2018
कागज़ पर लिखी गज़ल बकरी चबा गयी
सारे शहर में चर्चा हुई, बकरी शेर खा गई ❗