भूले हैं रफ़्ता रफ़्ता उन्हें मुद्दतों में हम,
क़िस्तों में ख़ुद-कुशी का मज़ा हम से पूछिए!
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Thursday, October 10, 2019
क़िस्तों में ख़ुद-कुशी का मज़ा हम से पूछिए
Wednesday, October 9, 2019
एक बार दिल तो धड़का मगर, फिर सम्भल गया!
मुद्दत के बाद आज उसे देखकर, ऐ दोस्त,
एक बार दिल तो धड़का मगर, फिर सम्भल गया!
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