Wednesday, April 3, 2019

मेरे हौसलें

रोज गिर कर भी मुकम्मल खड़े हैं,
ऎ ज़िंदगी देख मेरे हौसलें तुझसे भी बड़े हैं।

बड़ा हुआ तो क्या हुआ

बड़ा हुआ तो क्या हुआ, जैसे पेड़ खजूर।
पंथी को छाया नहीं, फल लागे अति दूर।।

~कबीर

अर्थ :- बड़े होने का यह अर्थ नहीं कि उससे किसी का भला हो। जैसे खजूर का पेड़ बहुत बड़ा होता है पर छायादार नहीं होता है, और न उसका फल बहुत दूर लगने के कारण आसानी से तोड़ा जा सकता।

होठों का तकल्लुफ

हमसे तो बस नज़रों से बातें कीजिये,
ये होठों का तकल्लुफ तो दुनिया के लिए है।

आईना हैरत में

हर वक़्त नया चेहरा, हर वक़्त नया वजूद,
आदमी ने आईने को, हैरत में डाल दिया है।


 

समझता कौन है?

ज़ाया ना कर अपने अल्फ़ाज़ हर किसी के लिये,
बस ख़ामोश रह कर देख तुझे समझता कौन है!

>>जो दिल की बात समझ ले फ़क़त निगाहों से,
     तमाम शहर में ऐसी कोई नज़र भी है ।

 

मुश्किल रात


इस दर्द की अब इन्तहाँ होनी चाहिए,
मुश्किल गुजरी है रात, अब सुबह होनी चाहिए!

दर्द का सबब

हो सके तो पहचान लो,
मेरे दर्द का सबब मेरी नजर से!
मैं जुबान से कहुँगा तो,
कुछ लोग रुसवा हो जायेंगे!

याद भुलाने से

दिल आबाद कहाँ रह पाएगा तेरी याद भुला देने से,
कमरा वीराँ हो जाता है इक तस्वीर हटा देने से!

Tuesday, April 2, 2019

इश्क़ हो जाएगा

मौसम-ए-इश्क़ है ये जरा,
खुश्क हो जाएगा!
ना उलझा करो हम से,
वरना इश्क़ हो जाएगा!

Monday, April 1, 2019

Xx

*"इस फ़रेबी दुनिया में"*
*"मुझे दुनियादारी नही आती"*

*"झूठ को सच साबित करने की"*
*"मुझे कलाकारी नही आती"*
*"जिसमें सिर्फ मेरा हित हो"*
*"मुझे वो समझदारी नही आती"*

*"शायद मैं इसीलिए पीछे हूं"*
*"मुझे होशियारी नही आती"*

*"बेशक लोग ना समझे मेरी वफादारी"*
*"मगर 'यारो मुझे गद्दारी नही आती"...*