Thursday, March 29, 2018

समझता हूँ

मैं अल्फाज़ हूँ तेरी हर बात समझता हूँ​, 
मैं एहसास हूँ तेरे जज़्बात समझता हूँ.
कब पूछा मैंने ​कि ​क्यूँ दूर हो मुझसे​, 
मैं दिल रखता हूँ तेरे हालात समझता हूँ​।

फरेब नहीं

खवाहिश नही मुझे मशहुर होने की,
आप मुझे जानते हो बस इतना ही काफी है।

अच्छे ने अच्छा और बुरे ने बुरा जाना मुझे।
जिसकी जितनी जरुरत थी उसने उतना पहचाना मुझे।

ऐसा नहीं है कि मुझमें कोई ऐब नहीं है
पर सच कहता हूँ मुझमे कोई फरेब नहीं है!!

अजीब कहानी

मोहब्बत की भी देखों ना, 
कितनी अजीब कहानी है, 
जहर तों पिया मीरा ने, 
फिर भी राधा ही दिल की रानी हैं।

 

समझता हूँ

मैं अल्फाज़ हूँ तेरी हर बात समझता हूँ​, 
मैं एहसास हूँ तेरे जज़्बात समझता हूँ.
कब पूछा मैंने ​कि ​क्यूँ दूर हो मुझसे​, 
मैं दिल रखता हूँ तेरे हालात समझता हूँ​।

हमने

काग़ज़ पे तो अदालत चलती है... 
हमने तो तेरी आँखो के फैसले मंजूर किये।

क्या समझे?

सितम को हम करम समझे, 
जफा को हम वफा समझे, 
जो इस पर भी न समझे वह,
तो उस बुत को खुदा समझे।

मैं जिससे मोहब्बत

ना हीर की तमन्ना है, 
ना परियों पर मरता हूँ, 
एक भोली-भाली सी लड़की है, 
मैं जिससे मोहब्बत करता हूँ।

Monday, January 29, 2018

शायर

दर्द आँखों से निकला, तो सबने कहा कायर है ये,
दर्द अल्फ़ाज़ में क्या ढला, सबने कहा शायर है ये?

Monday, January 8, 2018

मुस्कुराहट

मत पूछो कि मेरा कारोबार क्या है?
मुस्कुराहट की बस एक,
छोटी दुकान है नफरत के बाजार में!

बड़ी देर लगा दी


खा कर ठोकर ज़माने की, फिर लौट आये मयखाने में,
मुझे देख कर मेरे ग़म बोले, बड़ी देर लगा दी आने में!