अच्छा ख़ासा बैठे बैठे गुम हो जाता हूँ,
अब मैं अक्सर मैं नहीं रहता तुम हो जाता हूँ!
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Saturday, October 12, 2019
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आशु तो कुछ भी नहीं आसूँ के सिवा, जाने क्यों लोग इसे पलकों पे बैठा लेते हैं।