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Saturday, May 16, 2020

मुश्किल शायरी

मेरी दुश्वारी है दुश्वारी मिरी
मेरी मुश्किल आप की मुश्किल नहीं
- मुबारक अज़ीमाबादी


अपने लिए ही मुश्किल है
इज़्ज़त से जी पाना भी
- अज़ीज़ अन्सारी


रास्ता आगे भी ले जाता नहीं
लौट कर जाना भी मुश्किल हो गया
- जलील ’आली’


हर ग़म सहना और ख़ुश रहना
मुश्किल है आसान नहीं है
- वक़ार मानवी


सब कुछ मुझे मुश्किल है न पूछो मिरी मुश्किल
आसान भी हो काम तो आसाँ नहीं होता
- नातिक़ गुलावठी


तुम जो चाहो तो मिरे दर्द का दरमाँ हो जाए
वर्ना मुश्किल है कि मुश्किल मिरी आसाँ हो जाए
- बेदम शाह वारसी

आवाज़ों की भीड़ में इतने शोर-शराबे में
अपनी भी इक राय रखना कितना मुश्किल है
- नसीम सहर


'मीर' साहब तुम फ़रिश्ता हो तो हो
आदमी होना तो मुश्किल है मियाँ
- मीर तक़ी मीर

मुश्किल का सामना हो तो हिम्मत न हारिए
हिम्मत है शर्त साहिब-ए-हिम्मत से क्या न हो
- इम्दाद इमाम असर


चाहता हूँ मैं 'मुनीर' इस उम्र के अंजाम पर
एक ऐसी ज़िंदगी जो इस तरह मुश्किल न हो
- मुनीर नियाज़ी