दर्द आँखों से निकला, तो सबने कहा कायर है ये,
दर्द अल्फ़ाज़ में क्या ढला, सबने कहा शायर है ये?
Monday, January 29, 2018
Monday, January 8, 2018
बड़ी देर लगा दी
खा कर ठोकर ज़माने की, फिर लौट आये मयखाने में,
मुझे देख कर मेरे ग़म बोले, बड़ी देर लगा दी आने में!
Sunday, January 7, 2018
Wednesday, December 6, 2017
Monday, November 27, 2017
दीवारों के कान
बेजान चीज़ो को बदनाम करने के तरीके,
कितने आसान होते हैं!
लोग सुनते है छुप छुप के बातें,
और कहते है कि दीवारो को भी कान होते हैं!!
Saturday, November 25, 2017
Saturday, November 18, 2017
किस्मत मेहरबाँ
लफ़्ज़ों में मोहब्बत बयाँ नहीं होती,
बहते अश्कों की जुबाँ नहीं होती!
मिले जो प्यार तो कद्र करना,
किस्मत हर किसी पर मेहरबाँ नहीं होती!
Subscribe to:
Posts (Atom)