Monday, January 29, 2018

शायर

दर्द आँखों से निकला, तो सबने कहा कायर है ये,
दर्द अल्फ़ाज़ में क्या ढला, सबने कहा शायर है ये?

Monday, January 8, 2018

मुस्कुराहट

मत पूछो कि मेरा कारोबार क्या है?
मुस्कुराहट की बस एक,
छोटी दुकान है नफरत के बाजार में!

बड़ी देर लगा दी


खा कर ठोकर ज़माने की, फिर लौट आये मयखाने में,
मुझे देख कर मेरे ग़म बोले, बड़ी देर लगा दी आने में!

Sunday, January 7, 2018

रंज की घड़ी

दिल दे तो इस मिज़ाज का परवरदिगार दे,
जो रंज की घड़ी भी ख़ुशी से गुज़ार दे!

कश्मकस

ये कश्मकश है ज़िंदगी की, कि कैसे बसर करें!
ख्वाहिशे दफ़न करे, या चादर बड़ी करें!!

अपने

सो जा ऐ दिल कि अब धुन्ध बहुत है तेरे शहर में,
अपने दिखते नहीं और जो दिखते है वो अपने नहीं!

Wednesday, December 6, 2017

बूँदे, बरसात

दो बूँदे क्या बरसी, चार बादल क्या छा गए,
किसी को जाम, तो किसी को कुछ नाम याद आ गए.!

Monday, November 27, 2017

दीवारों के कान

बेजान चीज़ो को बदनाम करने के तरीके,
कितने आसान होते हैं!
लोग सुनते है छुप छुप के बातें,
और कहते है कि दीवारो को भी कान होते हैं!!

Saturday, November 25, 2017

मुश्किलें

मुझको ढूंढ लेती है हर रोज़ एक नए बहाने से,
मुश्किले वाक़िफ़ हो गयी है मेरे हर ठिकाने से!

Saturday, November 18, 2017

किस्मत मेहरबाँ

लफ़्ज़ों में मोहब्बत बयाँ नहीं होती,
बहते अश्कों की जुबाँ नहीं होती!
मिले जो प्यार तो कद्र करना,
किस्मत हर किसी पर मेहरबाँ नहीं होती!