Wednesday, February 29, 2012

लुत्फ़, मजा

बादशाहों की मुअत्तर ख्वाबगाहों में कहाँ,
वह मजा जो भीगी-भीगी घास पर सोने में है.
मुतमईन बेफिक्र लोगों की हँसी में भी कहाँ,
लुत्फ़ जो एक-दूसरे को देखकर रोने में हैं..

Saturday, December 3, 2011

गाल, गुलाबी, Til

यूँ तो होते हैं हजारों गाल गुलाबी,
गुलाबी गालों पे तिल बरी मुश्किल से होते है..

Saturday, November 5, 2011

माजरा

दिल-ए-नादां तुझे हुआ क्या है
आख़िर इस दर्द की दवा क्या है
हम हैं मुश्ताक़ और वो बेज़ार
या इलाही ये माजरा क्या है
-ग़ालिब


O innocent heart, what happened to you
What is the cure for this affliction
My affections are met with coldness
O God, what is happening?

ख़ुशी

ख़ुशी तो फिर ख़ुशी है रंज को समझा ख़ुशी हमने
तेरी ख़ातिर बदल डाला निज़ामे-ज़िन्दगी हमने

याराना

गो ज़रा सी बात पर बरसों के याराने गये
लेकिन इतना तो हुआ कुछ लोग पहचाने गये
-ख़ातिर ग़ज़नवी

दीपावली

HAPPY DIPAVALI

केवल छज्जों और चौबारों पर ही नहीं,
आस्था का एक दीप हमारे रिश्तों की मुंडेर पर भी

रिश्ता

दुश्मनी लाख सही ख़त्म न कीजिये रिश्ता
दिल मिले या न मिले हाथ मिलाते रहिये
-निदा फ़ाज़ली

जरुरत

दिल से मिलने की तमन्ना ही नहीं जब दिल में
हाथ से हाथ मिलाने की ज़रूरत क्या है

शहर

कोई हाथ भी न मिलायेगा जो गले मिलोगे तपाक से
यह नये मिज़ाज का शहर है ज़रा फ़ासले से मिला करो

दोस्ती

मुहब्ब्तों में दिखावे की दोस्ती न मिला
अगर गले नहीं मिलता तो हाथ भी न मिला