मैं अल्फाज़ हूँ तेरी हर बात समझता हूँ,
मैं एहसास हूँ तेरे जज़्बात समझता हूँ.
कब पूछा मैंने कि क्यूँ दूर हो मुझसे,
मैं दिल रखता हूँ तेरे हालात समझता हूँ।
Thursday, March 29, 2018
समझता हूँ
मैं जिससे मोहब्बत
ना हीर की तमन्ना है,
ना परियों पर मरता हूँ,
एक भोली-भाली सी लड़की है,
मैं जिससे मोहब्बत करता हूँ।
Monday, January 29, 2018
Monday, January 8, 2018
बड़ी देर लगा दी
खा कर ठोकर ज़माने की, फिर लौट आये मयखाने में,
मुझे देख कर मेरे ग़म बोले, बड़ी देर लगा दी आने में!
Sunday, January 7, 2018
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