Saturday, May 3, 2014

ख्वाब में

अगर होता यकीं के तुम मिलने आओगे ख्वाब में तो..
वफ़ा की कसम आँखों में हम गुलाब की पत्तिया सजाकर सोते..

वो लम्हे

"न जाने कब खर्च हो गये , पता ही न चला,
वो लम्हे , जो छुप
iकर रखे थे जीने के लिए"..